दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो चुका है। अब NCRTC पूरे NCR में नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी में है। कई नए कॉरिडोर के DPR जमा हो चुके हैं और कुछ मंजूरी के करीब हैं।
आज हम NCRTC के विस्तार प्लान को आसान भाषा में समझेंगे।
फिलहाल सिर्फ दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ कॉरिडोर पूरी तरह ऑपरेशनल है। लंबाई लगभग 82.15 किमी है। सराय काले खां से मोदीपुरम तक ट्रेन चल रही है। रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर करते हैं।
नमो भारत मेट्रो नहीं, बल्कि सेमी हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) है। डिजाइन स्पीड 160 किमी/घंटा के आसपास है और स्टॉप कम होते हैं।
फेज-1 के तीन मुख्य कॉरिडोर
तीनों कॉरिडोर सराय काले खां पर मिलेंगे, ताकि यात्री बिना ट्रेन बदले एक रूट से दूसरे पर जा सकें।
- दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ – चालू
- दिल्ली–गुरुग्राम–SNB–अलवर – प्राथमिकता में, मंजूरी प्रक्रिया जारी
- दिल्ली–सोनीपत–पानीपत–करनाल – DPR जमा, स्क्रूटनी चल रही
जिनके DPR जमा हो चुके हैं
राज्यसभा में सरकार ने बताया कि NCRTC ने इन चार कॉरिडोर के Detailed Project Report जमा कर दिए हैं:
- दिल्ली–करनाल
- दिल्ली–बावल
- बावल–बेहरोड़
- गाजियाबाद–नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
इन पर वित्तीय सहायता का फैसला स्क्रूटनी के बाद होगा।
अप्रूवल के एडवांस्ड स्टेज वाले रूट
NCRTC की वेबसाइट के अनुसार ये दो कॉरिडोर मंजूरी के करीब बताए गए हैं:
- गाजियाबाद–जेवर (नोएडा एयरपोर्ट)
- गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा (लगभग 64 किमी, अनुमानित लागत ₹19,390 करोड़)
गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा रूट पर 7 नमो भारत स्टेशन और 15 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। सूरजपुर इंटरचेंज हब बन सकता है।
भविष्य के अन्य कॉरिडोर (NCR 2032 प्लान)
NCR प्लानिंग बोर्ड ने कुल 8 RRTS कॉरिडोर चिन्हित किए हैं:
- दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–अलवर
- दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ
- दिल्ली–सोनीपत–पानीपत
- दिल्ली–फरीदाबाद–बल्लभगढ़–पलवल
- दिल्ली–बहादुरगढ़–रोहतक
- दिल्ली–शाहदरा–बड़ौत
- गाजियाबाद–खुर्जा
- गाजियाबाद–हापुड़
इसके अलावा मेरठ से हरिद्वार–ऋषिकेश तक लगभग 150 किमी विस्तार की चर्चा भी चल रही है।
यात्रियों के लिए क्या फायदा?
- दिल्ली से करनाल, अलवर, जेवर एयरपोर्ट और पलवल तक तेज कनेक्टिविटी
- सराय काले खां पर मेट्रो, रेलवे और ISBT से इंटरचेंज
- सड़क जाम और यात्रा समय में कमी
- तीनों फेज-1 कॉरिडोर इंटरऑपरेबल होंगे
अभी ज्यादातर नए कॉरिडोर DPR या मंजूरी चरण में हैं। निर्माण शुरू होने और ट्रेन चलने में कई साल लग सकते हैं। लागत, स्टेशन और रूट में बदलाव भी संभव है।
NCRTC का विस्तार प्लान दिल्ली-NCR को सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने का है। मेरठ कॉरिडोर चालू है, जबकि करनाल, अलवर, जेवर एयरपोर्ट और गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा जैसे रूट पाइपलाइन में हैं। सराय काले खां पूरा सिस्टम का केंद्र बनेगा।
आधिकारिक अपडेट के लिए ncrtc.in देखें।





