Smart Cities Mission के 10 साल: 94% प्रोजेक्ट पूरे, ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश (पूरी जानकारी)

Smart Cities Mission के 10 साल: 94% प्रोजेक्ट पूरे, ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश (पूरी जानकारी)

भारत की Smart Cities Mission 25 जून 2015 को शुरू हुई थी। अब 10 साल पूरे होने के बाद सरकार ने इसकी प्रगति का आंकड़ा जारी किया है। 100 स्मार्ट सिटीज में कुल 8,067 प्रोजेक्ट्स में से 94% पूरे हो चुके हैं और कुल निवेश ₹1.64 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

हम इस मिशन की उपलब्धियां आसान भाषा में समझेंगे।

Smart Cities Mission क्या है?

Smart Cities Mission शहरों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं और जीवन स्तर सुधारने के लिए शुरू किया गया था। लक्ष्य है आर्थिक रूप से जीवंत, समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाना।

हर शहर में दो तरीके से काम हुआ:

  • Area-Based Development (ABD): चुने हुए इलाके में मॉडल डेवलपमेंट
  • Pan-City Projects: पूरे शहर में टेक्नोलॉजी आधारित समाधान

मुख्य आंकड़े (May 2025 तक)

  • कुल प्रोजेक्ट: 8,067
  • पूरे हुए: 7,555 (94%)
  • बाकी 512 प्रोजेक्ट काम के अंतिम चरण में
  • कुल निवेश: ₹1.64 लाख करोड़
  • केंद्र का बजट आवंटन: ₹47,652 करोड़ (99.44% जारी)

केंद्र के अलावा राज्य सरकार, नगर निकाय और PPP से भी फंड आया।

Integrated Command and Control Centres (ICCC)

सभी 100 स्मार्ट सिटीज में ICCC चालू हैं। इनमें AI, IoT और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल होता है। कोविड के दौरान ये वॉर रूम की तरह काम करते थे। अब ट्रैफिक, पानी और कचरा प्रबंधन में मदद कर रहे हैं।

सुरक्षा, पानी और कचरा प्रबंधन

  • 84,000+ CCTV कैमरे
  • 1,884 इमरजेंसी कॉल बॉक्स
  • 3,000 पब्लिक एड्रेस सिस्टम
  • 28 शहरों में 2,900+ MLD पेयजल ट्रीटमेंट क्षमता
  • 17,026 किमी पानी की लाइनें SCADA से मॉनिटर
  • 27 शहरों में 1,370 MLD सीवेज ट्रीटमेंट (673 MLD रीयूज)
  • 66 शहरों में स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
  • 9,194 वाहनों पर RFID

सड़क, साइकिल और पब्लिक स्पेस

  • 1,740 किमी स्मार्ट रोड
  • 713 किमी साइकिल ट्रैक
  • 23,000 साइकिल और 1,500+ बसें
  • 2,000+ बस स्टॉप
  • 1,320+ पब्लिक स्पेस प्रोजेक्ट
  • 318 किमी वाटरफ्रंट डेवलपमेंट
  • 484 हेरिटेज स्मारकों का संरक्षण

चंडीगढ़ में देश का सबसे बड़ा Public Bicycle Sharing सिस्टम है – 310 डॉकिंग स्टेशन और 2,500 से ज्यादा साइकिलें।

Smart Cities Mission शिक्षा और स्वास्थ्य

  • 71 शहरों के 2,300 सरकारी स्कूलों में 9,433 स्मार्ट क्लासरूम
  • 41 डिजिटल लाइब्रेरी
  • 172 ई-हेल्थ सेंटर/क्लिनिक
  • 152 हेल्थ ATM
  • 15 शहरों में ई-हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम

खास अभियान

कोविड के बाद Cycles4Change और Streets4People जैसे अभियान चले। Placemaking Marathons, Nurturing Neighbourhoods, Transport4All और EatSmart Cities जैसे चैलेंज भी चलाए गए।

शहरों ने रेट्रोफिटिंग, रीडेवलपमेंट या ग्रीनफील्ड मॉडल चुना। साथ में पूरे शहर के लिए पैन-सिटी सॉल्यूशन भी जरूरी था। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में क्षेत्रफल की शर्त आधी रखी गई। हर शहर में Special Purpose Vehicle (SPV) के जरिए काम हुआ।

आम लोगों के लिए क्या मतलब है?

Smart Cities Mission में CCTV, बेहतर सड़कें, साइकिल ट्रैक, साफ पानी, कचरा प्रबंधन और डिजिटल सेवाएं बढ़ी हैं। ICCC से शहर का प्रबंधन डेटा पर आधारित हुआ है। हालांकि हर शहर की प्रगति अलग-अलग है और कुछ प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं।

Smart Cities Mission के 10 साल में 94% प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश हुआ है। 100 शहरों में कमांड सेंटर, स्मार्ट रोड, पानी-कचरा सिस्टम और डिजिटल सेवाएं तैयार हुई हैं। यह मिशन शहरी जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन बाकी प्रोजेक्ट्स और रखरखाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के बैकग्राउंडर पर आधारित है। आंकड़े मई 2025 तक के हैं। लेटेस्ट स्थिति के लिए smartcities.gov.in और आधिकारिक अपडेट देखें।