उत्तराखंड की हरी-भरी पहाड़ियों में बसा Kainchi Dham एक ऐसा आध्यात्मिक स्थान है जो दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींचता है। नीम करोली बाबा द्वारा स्थापित यह आश्रम शांति, भक्ति और हिमालय की सुंदरता का परफेक्ट मिश्रण है। अगर आप आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं या सिर्फ ऑफबीट जगह घूमना चाहते हैं, तो नैनीताल के पास यह Kainchi Dham आपके लिए बेस्ट जगह है।
कैंची धाम क्यों मशहूर है: नीम करोली बाबा का जादू
कैंची धाम का नाम यहां की दो पहाड़ियों के कैंची जैसे आकार से पड़ा है। 1960 के दशक में नीम करोली बाबा ने इस आश्रम की स्थापना की। बाबा जी हनुमान जी के बड़े भक्त थे और उनकी साधारण शिक्षाएं थीं – प्यार करो, सेवा करो और भक्ति करो।
भक्त उन्हें प्यार से महाराज जी कहते हैं। 1973 में समाधि लेने के बाद भी यहां उनकी मौजूदगी महसूस होती है। लोग यहां आशीर्वाद लेने, ध्यान करने और हरी-भरी वादियों व बहती नदी के बीच शांति पाने आते हैं।
खास बात यह है कि यहां स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे बड़े नाम आए थे। स्टीव जॉब्स 1970 के दशक में भारत की अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान यहां आए। बाद में उन्होंने मार्क जुकरबर्ग को सलाह दी कि फेसबुक के मुश्किल समय में यहां आएं। जुकरबर्ग की यात्रा से उन्हें नई दिशा और ताकत मिली। आजकल विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसे सेलेब्रिटी भी बाबा के दर्शन करने आते हैं।
Kainchi Dham आश्रम के अंदर के मंदिर: आध्यात्मिक केंद्र
आश्रम बहुत साधारण लेकिन सुंदर है, रंग-बिरंगे सजावट और शांत माहौल के साथ।
Kainchi Dham मुख्य जगहें जो देखनी चाहिए:
- नीम करोली बाबा मंदिर: यहां भक्त प्रार्थना करते हैं और भजन गाते हैं।
- हनुमान मंदिर: हनुमान जी को समर्पित, ताकत और भक्ति का प्रतीक – दर्शन जरूर करें।
- वैष्णवी माता मंदिर: प्रवेश द्वार पर, सभी को दिव्य मां की ऊर्जा से स्वागत करता है।
- शिव जी और अन्य छोटे मंदिर भी हैं।
चारों तरफ पेड़-पौधे और नदी की आवाज शांति बढ़ाती है। यहां योग, ध्यान और चुपचाप बैठने के लिए बेस्ट जगह है।
2026 में Kainchi Dham घूमने का सबसे अच्छा समय
ट्रिप प्लान करने से पहले सही समय चुनें तो मजा दोगुना हो जाता है। Kainchi Dham घूमने का बेस्ट टाइम मार्च से जून या सितंबर से नवंबर है। मौसम सुहावना रहता है – ठंडी हवाएं, साफ आसमान और खूबसूरत प्रकृति।
गर्मियों में हल्की ठंडक और बारिश के बाद ताजगी भरी हरियाली मिलती है। जुलाई-अगस्त में भारी बारिश से बचें।
15 जून का वार्षिक मेला मत भूलना – नीम करोली बाबा की स्थापना दिवस पर बड़ा भंडारा होता है। हजारों भक्त आते हैं, प्रसाद बंटता है और उत्सव का माहौल रहता है। भीड़ ज्यादा होती है लेकिन ऊर्जा कमाल की!
Kainchi Dham के टाइमिंग और 2026 के लेटेस्ट अपडेट
आश्रम साल भर खुला रहता है:
- गर्मियां (अप्रैल-अक्टूबर): सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक
- सर्दियां (नवंबर-मार्च): सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक
सुबह-शाम आरती होती है – इसमें शामिल होना आत्मा को छू लेता है। मंगलवार और जून के मेले में ज्यादा भीड़ रहती है।
लेटेस्ट अपडेट: लोकप्रियता बढ़ने से ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या हो रही है। ऑथोरिटी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, बेहतर रोड और पार्किंग की व्यवस्था कर रही है। एंट्री फ्री है, लेकिन नियमों का पालन करें।
Kainchi Dham कैसे पहुंचें: दिल्ली से आसान ट्रैवल गाइड
कैंची धाम नैनीताल से करीब 17 किमी दूर अल्मोड़ा रोड पर है।
दिल्ली से (लगभग 330 किमी):
- रोड से: NH9 से हल्द्वानी होते हुए 7-8 घंटे में पहुंचें। टैक्सी या बस आसानी से मिलती है।
- ट्रेन से: काठगोदाम स्टेशन (37 किमी दूर) तक ट्रेन, फिर टैक्सी से 1 घंटा।
- फ्लाइट से: पंतनगर एयरपोर्ट (70 किमी), फिर कैब।
नैनीताल या भवाली से लोकल टैक्सी सस्ती और आसान है।
आश्रम में रहने और घूमने के टिप्स
ज्यादातर लोग नैनीताल के होटल में रुककर डे ट्रिप करते हैं। आरामदायक कपड़े पहनें, शांति का सम्मान करें और एक्टिविटी में हिस्सा लें।
एंट्री फ्री है, प्रसाद सबको मिलता है। मंदिर के अंदर फोटोग्राफी के नियम सख्त हैं – ध्यान रखें।
कैंची धाम क्यों घूमना चाहिए
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कैंची धाम याद दिलाता है कि ज्यादा प्यार करो, सेवा करो – जैसा नीम करोली बाबा सिखाते थे। आध्यात्मिक जागरण, सेलेब्रिटी कनेक्शन या हिमालय की खूबसूरती के लिए – यहां आकर मन तरोताजा हो जाता है।
2026 में कैंची धाम की यात्रा प्लान करें और भक्ति, प्रकृति व शांति का अनुभव लें। बाबा का आशीर्वाद आपका इंतजार कर रहा है – खुले दिल से आएं!





